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शिविर

कौन आ सकता है

खुलकर लिखा गया है — क्योंकि स्वास्थ्य के विषय में अस्पष्टता महँगी पड़ती है।

शिविर किनके लिए है

वे लोग जो अपनी दिनचर्या और आहार में वास्तविक परिवर्तन करना चाहते हैं, और उसके लिए सात दिन दे सकते हैं। आयु सामान्यतः १२ से ९५ वर्ष के बीच।

जिनको मोटापा, डायबिटीज, एसिडिटी, कब्ज़, अनिद्रा, तनाव, त्वचा विकार, थकान, बीपी, थायराइड, जोड़ों का दर्द, कोलेस्ट्रॉल या वायु विकार की शिकायत है — इन्हीं तेरह पर शिविर में विशेष रूप से कार्य होता है।

पहले अपने चिकित्सक से बात कीजिए, यदि

आप इंसुलिन लेते हैं, या डायबिटीज की ऐसी दवा लेते हैं जो शर्करा तेज़ी से घटाती है। आहार बदलने पर शर्करा आवश्यकता से अधिक नीचे जा सकती है, और यह अपने आप में जोखिम है।

आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं। हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी या कोई गंभीर स्थिति चल रही है। हाल ही में कोई शल्यक्रिया हुई है। किसी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के लिए उपचार चल रहा है।

इनमें से कुछ भी लागू हो तो इसका अर्थ यह नहीं कि आप शिविर में नहीं आ सकते। इसका अर्थ यह है कि पंजीकरण के समय हमें बताइए, ताकि आपकी दिनचर्या और उपवास उसी के अनुसार तय किया जा सके।

हम क्या नहीं करते

हम किसी की दवा बंद नहीं करवाते। हम यह दावा नहीं करते कि सात दिन में कोई रोग समाप्त हो जाएगा। हम किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प प्रस्तुत नहीं करते।

जो हम करते हैं वह यह है — सात दिन एक दिनचर्या जीकर दिखाते हैं, और आपको अपने शरीर को पढ़ना सिखाते हैं।

शंका समाधान

जो प्रश्न सबसे पहले मन में आते हैं

व्हाट्सएप पर सीधे बात कीजिए

पंजीकरण, तिथि या स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी भी प्रश्न के लिए हमें व्हाट्सएप कीजिए — या शिविर समूह से जुड़ जाइए, जहाँ हर नए शिविर की सूचना सबसे पहले आती है।