शिविर
शिविर में क्या होगा
आने से पहले जो जानना आवश्यक है — दिनचर्या से लेकर साथ लाने की वस्तुओं तक।
पहला दिन
शिविर रविवार दोपहर से आरंभ होता है। पहुँचने पर पंजीकरण, कक्ष आवंटन और प्रारंभिक जाँच — भार, रक्तचाप और शर्करा। यह जाँच छठे दिन दोहराई जाती है, ताकि अंतर अनुमान पर न रहे।
संध्या को उद्घाटन सत्संग होता है और उसके बाद हल्का भोजन। पहली रात जल्दी सोना ही अगले छह दिन की तैयारी है।
आवास और सुविधाएँ
साझा कक्ष, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग। बिस्तर, चादर और स्वच्छता की व्यवस्था शिविर की ओर से। महिला सेवादार पूरे शिविर में उपलब्ध रहती हैं।
मोबाइल फ़ोन साथ रखा जा सकता है, पर सत्रों के दौरान बंद रखने का अनुरोध रहता है। मौन के अंतराल में उसका उपयोग शिविर का उद्देश्य ही समाप्त कर देता है।
भोजन
दिन में तीन बार, निश्चित समय पर, पूर्णतः सात्विक। कोई शर्करा नहीं, कोई मैदा नहीं, तला हुआ नहीं। तीसरे दिन उपवास रहता है।
यदि आपको कोई खाद्य एलर्जी है या कोई विशेष आहार आवश्यक है, तो पंजीकरण के समय अवश्य बताइए।
साथ क्या लाएँ
- सूती ढीले वस्त्र — सात दिन के लिए
- चादर, तौलिया और व्यक्तिगत स्वच्छता की वस्तुएँ
- योग मैट या दरी
- आपकी वर्तमान दवाइयाँ और उनके पर्चे
- पिछली जाँच रिपोर्ट — शर्करा, बीपी, थायराइड आदि
- नोटबुक और पेन
- चप्पल — भवन के भीतर के लिए
शिविर का एक दिन
सात दिन, घंटे-दर-घंटे
शिविर में आने से पहले सबसे बड़ा प्रश्न यही होता है — वहाँ होगा क्या? पूरा दिनक्रम यहाँ है।
शरीर की वर्तमान स्थिति समझना
- 15:00पंजीकरण, कक्ष आवंटन
- 17:00प्रारंभिक जाँच — भार, बीपी, शर्करा
- 18:30उद्घाटन सत्संग — परम आनन्द जी
- 20:00हल्का भोजन, विश्राम
व्हाट्सएप पर सीधे बात कीजिए
पंजीकरण, तिथि या स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी भी प्रश्न के लिए हमें व्हाट्सएप कीजिए — या शिविर समूह से जुड़ जाइए, जहाँ हर नए शिविर की सूचना सबसे पहले आती है।