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परम आनन्द जी

शरीर ही हमारा मंदिर हैअपने डॉक्टर स्वयं बनें

बिना दवा के — मोटापा, डायबिटीज, एसिडिटी, बीपी, थायराइड और जोड़ों के दर्द से राहत की दिशा में एक ७ दिवसीय आवासीय शिविर। आहार ही औषधि है।

शिविर आपकी अपनी सहयोग राशि से — कोई निश्चित शुल्क नहीं

परम आनन्द जी सूर्यास्त के समय नमस्ते की मुद्रा में

अगला शिविर

४–११ अक्टूबर २०२६

श्री माहेश्वरी भवन, श्री गंगानगर

प्रवेश यहाँ से

किस रोग से मुक्ति चाहिए?

शिविर में जिन १३ व्याधियों पर विशेष रूप से कार्य होता है। अपनी स्थिति चुनिए और जानिए कि आहार-आधारित पद्धति उस पर कैसे काम करती है।

किस रोग से मुक्ति चाहिए?

शिविर कैलेंडर

आगामी शिविर

तिथि, नगर, स्थान और शेष स्थान — सब कुछ पहले से स्पष्ट। पोस्टर का इंतज़ार नहीं।

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आगामी शिविर

  • श्री गंगानगर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    स्थान भर रहे हैं१२ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    ४–११ अक्टूबर २०२६
    स्थान
    श्री माहेश्वरी भवन, श्री गंगानगर
    पंजीकरण करें
  • जयपुर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है९६ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    १–८ नवंबर २०२६
    स्थान
    सामुदायिक भवन, मालवीय नगर, जयपुर
    पंजीकरण करें
  • ऋषिकेश में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है४१ स्थान शेष

    आश्रम शिविर

    तिथि
    ६–१३ दिसंबर २०२६
    स्थान
    गंगा तट आश्रम, ऋषिकेश
    पंजीकरण करें
  • बीकानेर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है१०८ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    १०–१७ जनवरी २०२७
    स्थान
    अग्रसेन भवन, बीकानेर
    पंजीकरण करें
परम आनन्द जी प्रातःकाल छत पर ध्यानस्थ बैठे हुए

विधि

आहार ही औषधि है

शरीर स्वयं को ठीक करना जानता है। हमारा कार्य केवल इतना है कि हम उसमें बाधा डालना बंद करें — और उसे वह दें जिसकी उसे वास्तव में आवश्यकता है।

“शरीर ही हमारा मंदिर है, इसे समझें और स्वस्थ रखें।”

परम आनन्द जी
पूरी विधि पढ़ें

अब तक

एक निरंतर चलती साधना

वर्षों की साधना
40+वर्षों की साधना
शिविर सम्पन्न
250+शिविर सम्पन्न
शिविरार्थी
18,000+शिविरार्थी
व्याधियों पर कार्य
13व्याधियों पर कार्य

प्रदर्शन-संस्करण

अनुभव

शिविर से लौटे लोगों के शब्द

ये व्यक्तिगत अनुभव हैं। परिणाम हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।

  • सात दिन में सबसे बड़ा अंतर यह आया कि सुबह उठते ही भारीपन नहीं रहता। खाने का समय बदला, और नींद अपने आप सुधर गई।
    सुनीता अग्रवाल५२ · श्री गंगानगरव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • शिविर में प्रतिदिन शर्करा नापी जाती थी, इसलिए अंदाज़े की जगह आँकड़ा सामने था। लौटकर मैंने अपनी रिपोर्ट अपने डॉक्टर को दिखाई और आगे का निर्णय उन्हीं के साथ लिया।
    रमेश कुमार५८ · हनुमानगढ़व्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • बीस साल से जेब में गोली रखता था। रात का भोजन जल्दी करने भर से जो अंतर आया, उसकी मुझे कल्पना नहीं थी।
    महेन्द्र सिंगल४७ · बीकानेरव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • सबसे अच्छी बात यह लगी कि किसी ने दवा छोड़ने को नहीं कहा। जो कहा गया वह था — अपने शरीर को देखना सीखिए।
    कमला देवी६१ · जयपुरव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • घुटनों के कारण सीढ़ियाँ चढ़ना कठिन था। सूक्ष्म व्यायाम और भोजन में बदलाव — दोनों साथ चले, और तीन महीने में फ़र्क़ दिखा।
    ओमप्रकाश डूडी६४ · श्री गंगानगरव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
  • आश्रम में गंगा किनारे के सात दिन — मौन, प्राणायाम और सादा भोजन। मन का बोझ भी उतरा।
    प्रीति शर्मा३९ · दिल्लीव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं
परम आनन्द जी वृक्षों के बीच हाथ जोड़े, ऊपर की ओर देखते हुए

संस्थापक

परम आनन्द जी

परम आनन्द जी चार दशकों से यह कह रहे हैं कि अधिकांश रोग शरीर की विफलता नहीं, उसके साथ किए गए व्यवहार का परिणाम हैं — और जो व्यवहार से बना है वह व्यवहार से ही बदल सकता है।

उनका शिविर उपदेश नहीं देता। वह सात दिन तक एक दिनचर्या जीकर दिखाता है, ताकि लौटने के बाद व्यक्ति स्वयं उसे निभा सके। "अपने डॉक्टर स्वयं बनें" उनका सबसे दोहराया गया वाक्य है।

संस्थापक के विषय में

शिविर का एक दिन

सात दिन, घंटे-दर-घंटे

शिविर में आने से पहले सबसे बड़ा प्रश्न यही होता है — वहाँ होगा क्या? पूरा दिनक्रम यहाँ है।

शरीर की वर्तमान स्थिति समझना

  1. 15:00पंजीकरण, कक्ष आवंटन
  2. 17:00प्रारंभिक जाँच — भार, बीपी, शर्करा
  3. 18:30उद्घाटन सत्संग — परम आनन्द जी
  4. 20:00हल्का भोजन, विश्राम

शेष ४ दिन शिविर पृष्ठ पर

शंका समाधान

जो प्रश्न सबसे पहले मन में आते हैं

सहयोग

शिविर का कोई निश्चित शुल्क नहीं है

शिविर आपकी अपनी सहयोग राशि से चलता है। जो सक्षम हैं वे अधिक देते हैं, जिससे जो नहीं दे सकते वे भी आ सकें। यही व्यवस्था चालीस वर्षों से चल रही है।

सुझाई गई राशि

  • १,१००
  • २,१००
  • ५,१००
  • ११,०००
  • अन्य राशि

किसी भी व्यक्ति को केवल इस कारण नहीं लौटाया जाता कि वह सहयोग नहीं कर सकता।

सहयोग की व्यवस्था समझें

आपका सहयोग किसमें लगता है

  • सात्विक भोजनसात दिन का चिकित्सकीय आहार, रस और काढ़े सहित
  • आवाससाझा कक्ष, बिस्तर और स्वच्छता की व्यवस्था
  • सामग्रीदिनचर्या पुस्तिका, आहार चार्ट और शिविर सामग्री
  • आयोजन व्ययभवन, सेवादार और यात्रा-व्यय

व्हाट्सएप पर सीधे बात कीजिए

पंजीकरण, तिथि या स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी भी प्रश्न के लिए हमें व्हाट्सएप कीजिए — या शिविर समूह से जुड़ जाइए, जहाँ हर नए शिविर की सूचना सबसे पहले आती है।

नए शिविर की सूचना पाइए

जब भी आपके नगर के निकट कोई शिविर घोषित हो, आपको सबसे पहले पता चले।

यह प्रदर्शन-संस्करण है — यह फ़ॉर्म अभी कहीं नहीं भेजा जाता।