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रोग

उच्च रक्तचाप

High blood pressure

रक्तचाप पर आहार और तनाव दोनों का सीधा प्रभाव है। यहाँ भी दवा का निर्णय आपके चिकित्सक का है — शिविर का नहीं।

यह क्यों बनता है

उच्च रक्तचाप को शिविर में एक अलग-थलग रोग की तरह नहीं देखा जाता। इसे उसी एक मूल कारण का एक और लक्षण माना जाता है — पाचन तंत्र पर वर्षों का बोझ, अनियमित दिनचर्या, और ऐसा आहार जिसे शरीर पचा नहीं पाता।

जब तक कारण वहीं बना रहता है, लक्षण किसी न किसी रूप में लौटता रहता है। इसलिए शिविर लक्षण पर नहीं, कारण पर कार्य करता है।

आहार-आधारित पद्धति क्या करती है

सात दिन के शिविर में पाचन तंत्र को विश्राम दिया जाता है — रस आहार, उपवास और सात्विक भोजन के क्रम से। नमक की मात्रा, प्राणायाम और नियमित माप — तीनों साथ चलते हैं। शिविर में प्रतिदिन रक्तचाप मापा जाता है।

साथ में प्राणायाम, नियमित निद्रा और एक निश्चित दिनचर्या। लौटते समय हर शिविरार्थी अपने साथ एक व्यक्तिगत आहार चार्ट ले जाता है।

आहार के मूल नियम

  • नमक की मात्रा घटाएँ
  • प्रतिदिन प्राणायाम
  • नियमित माप
  • प्रतिदिन चलना
  • दवा में परिवर्तन केवल चिकित्सक की सलाह से

अनुभव

उच्च रक्तचाप के साथ आए लोगों के अनुभव

ये व्यक्तिगत अनुभव हैं। परिणाम हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।

  • सबसे अच्छी बात यह लगी कि किसी ने दवा छोड़ने को नहीं कहा। जो कहा गया वह था — अपने शरीर को देखना सीखिए।
    कमला देवी६१ · जयपुरव्यक्तिगत अनुभव — परिणाम भिन्न हो सकते हैं

शिविर कैलेंडर

आगामी शिविर

तिथि, नगर, स्थान और शेष स्थान — सब कुछ पहले से स्पष्ट। पोस्टर का इंतज़ार नहीं।

पूरा कैलेंडर देखें

आगामी शिविर

  • श्री गंगानगर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    स्थान भर रहे हैं१२ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    ४–११ अक्टूबर २०२६
    स्थान
    श्री माहेश्वरी भवन, श्री गंगानगर
    पंजीकरण करें
  • जयपुर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है९६ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    १–८ नवंबर २०२६
    स्थान
    सामुदायिक भवन, मालवीय नगर, जयपुर
    पंजीकरण करें
  • ऋषिकेश में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है४१ स्थान शेष

    आश्रम शिविर

    तिथि
    ६–१३ दिसंबर २०२६
    स्थान
    गंगा तट आश्रम, ऋषिकेश
    पंजीकरण करें
  • बीकानेर में आयोजित शिविर के प्रतिभागी
    पंजीकरण खुला है१०८ स्थान शेष

    शरीर की भागवत

    तिथि
    १०–१७ जनवरी २०२७
    स्थान
    अग्रसेन भवन, बीकानेर
    पंजीकरण करें

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शंका समाधान

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