
शरीर की भागवत
- तिथि
- ४–११ अक्टूबर २०२६
- स्थान
- श्री माहेश्वरी भवन, श्री गंगानगर
रोग
Joint pain
जोड़ों पर भार का सीधा असर पड़ता है, और सूजन का आहार से। शिविर दोनों पर एक साथ कार्य करता है।
जोड़ों का दर्द को शिविर में एक अलग-थलग रोग की तरह नहीं देखा जाता। इसे उसी एक मूल कारण का एक और लक्षण माना जाता है — पाचन तंत्र पर वर्षों का बोझ, अनियमित दिनचर्या, और ऐसा आहार जिसे शरीर पचा नहीं पाता।
जब तक कारण वहीं बना रहता है, लक्षण किसी न किसी रूप में लौटता रहता है। इसलिए शिविर लक्षण पर नहीं, कारण पर कार्य करता है।
सात दिन के शिविर में पाचन तंत्र को विश्राम दिया जाता है — रस आहार, उपवास और सात्विक भोजन के क्रम से। सूक्ष्म व्यायाम, भार में कमी और सूजन घटाने वाला आहार।
साथ में प्राणायाम, नियमित निद्रा और एक निश्चित दिनचर्या। लौटते समय हर शिविरार्थी अपने साथ एक व्यक्तिगत आहार चार्ट ले जाता है।
अनुभव
ये व्यक्तिगत अनुभव हैं। परिणाम हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।
घुटनों के कारण सीढ़ियाँ चढ़ना कठिन था। सूक्ष्म व्यायाम और भोजन में बदलाव — दोनों साथ चले, और तीन महीने में फ़र्क़ दिखा।
शिविर कैलेंडर
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